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Thursday, August 8, 2019

सर्वे भवन्तु सुखिनः



कश्मीर की वादियों में आज सन्नाटा है, लेकिन यह सन्नाटा तूफान से पहले का सन्नाटा नहीं है. यह शांति तो उस उत्सव की राह देख रही है जो आतंकवाद, गरीबी, अलगाव और अशिक्षा को दूर करके अमन और खुशहाली के माहौल में वहाँ मनाया जाने वाला है. पिछले चार दशकों से जो खून बहा है, उसकी कीमत तो कोई नहीं चुका सकता, किंतु जिस नफरत की आग को कुछ स्वार्थी तत्वों ने भड़काया है, उसके बुझने का प्रबंध धारा तीन सौ सत्तर को निष्प्रभावी बनाने के साथ किया जा चुका है. भारत की वीर सेना और देश को सर्वोपरि मानने वाली निर्भीक राजनीतिक इच्छा शक्ति ने जो कदम उठाया है, वह इतिहास के पन्नों में स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जायेगा. हर देशवासी के मन में यही आकांक्षा है कि एक बार पुनः काश्मीर में शिकारों पर गीत फिल्माए जाएँ, केसर की क्यारियां महकें. धरती का जन्नत कश्मीर संतों और सूफियों का एक सा स्वागत करे. हर घर में तिरंगा फहरे और हर कश्मीरी फख्र से कह सके, वह भी एक सच्चा भारतीय है.  


Tuesday, May 28, 2019

हम उस देश के वासी हैं



चुनाव आये, हफ्तों तक चले और अब परिणाम भी आ गया. देशवासियों ने मिलकर एक निर्णय लिया और एक मजबूत सरकार को चुना. आज हर भारतीय एक नये भरोसे और विश्वास के साथ भविष्य की ओर बढ़ रहा है. प्रधानमन्त्री ने कहा है पारदर्शिता और परिश्रम के बिना विकास का मार्ग तय नहीं किया जा सकता. हर व्यक्ति सुख चाहता है, सुख का आधार है हमारी पारमार्थिक जीवनशैली. जिसमें प्रकृति का सम्मान हो और अपने बुजुर्गों का आदर हो. जिसमें हमारी आवश्यकताओं की पूर्ति हमारे श्रम से होती हो, न कि किसी अनुदान से. स्वच्छता की जिम्मेदारी हर कोई निभाए और सामाजिक बुराइयों को दूर करने का बीड़ा भी सब मिलकर लें. देश हम सबका है और इसको समृद्धि की और ले जाना हमारे ही हाथ में है. यदि हम सरकार की नीतियों को जमीन पर उतरते हुए देखना चाहते हैं तो हमें भी अपने कर्त्तव्यों का निर्वाह करके सहयोग करना होगा.

Monday, August 13, 2018

स्वतन्त्रता दिवस की पूर्व संध्या पर


१४ अगस्त २०१८ 
कल स्वतन्त्रता दिवस मनाया जायेगा, हर कोई प्रसन्न है और अपने तरीके से इस राष्ट्रीय उत्सव को मनाने की तैयारी कर रहा है. भारत का छोटे से छोटा प्रदेश हो या सुदूर कोने में स्थित कोई गाँव हो, किसी न किसी के द्वारा तिरंगा लहराया जायेगा. नीलगगन में लहराते हुए तिरंगे को देखकर हर भारतीय का हृदय एक अनजाने उल्लस से भर जाता है. इस देश में जन्म लेना कितना सौभाग्य से भरा है, इसका अहसास होता है. चाहे कोई विदेश में हो या देश में स्वतन्त्रता दिवस और गणतन्त्र दिवस पर देश की याद दिल में किसी न किसी झरोखे से आ ही जाती है. देशभक्ति का कोई गीत कहीं बजता हो या टीवी पर लाल किले से प्रधान मंत्री के भाषण की कोई बात सुनाई दे जाये, मन कृतज्ञता से भर जाता है और हृदय में देशप्रेम की एक हिलोर जगने लगती है. राष्ट्र हमें एक सूत्र में बांधता है, एक पथ पर आगे ले जाता है, हमारे सुख-दुःख साझे हो जाते हैं, सीमा पर कोई संकट हो तो करोड़ों हृदय एक साथ उसका सामना करने के लिए तत्पर होते हैं. राष्ट्र की सीमाओं में हम स्वतंत्र हैं, अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए, अपने स्वप्नों को पूर्ण करने के लिए, अपने भीतर की सोयी हुई शक्तियों को जगाकर देश को हर दृष्टि से समर्थ बनाने के लिए. हर भारतीय हमारा अपना है, इस बात का अहसास विदेश में किसी भारतीय को देखकर कितनी शिद्दत से होता है. आइये इस आजादी के जश्न को मनाते हुए हम अपने उन लाखों भाई-बहनों को भी याद करें, जिन्होंने अपने श्रम और भावनाओं से इस भारत भूमि को सींचा है, उन्हें भी जो युद्ध भूमि पर शहीद हुए. देश की आजादी में अपना योगदान देने वाले सभी संतों, महापुरुषों, लेखकों, कवियों, और वीरों को नमन करते हुए आप सभी को स्वतन्त्रता दिवस पर हार्दिक शुभकामनायें !