Sunday, June 16, 2019

तुम मात-पिता हम बालक तेरे



आज पितृ दिवस है. माता-पिता दोनों के अंश से एक बच्चे का जन्म होता है. जीवन में दोनों का समान महत्व है. माँ शिशु को पालती है और पिता उसे आश्रय देता है. पिता के अनुशासन और माँ के स्नेह की छाया में ही एक शिशु का पूर्ण विकास सम्भव है. गहराई से देखें तो दोनों के भीतर एक साथ दोनों का निवास है. एक माँ जब बच्चे को ताड़ना देती है तो उसके भीतर का पिता पक्ष प्रमुख होता है, वैसे ही जब पिता दुलार देता है तो उसके भीतर की माँ सशक्त हुई होती है. हम परमात्मा को भी माता-पिता दोनों एक साथ कहते हैं, अनुकूल परिस्थतियाँ देकर वह हमें आनंदित करता है और विपरीत परिस्थतियाँ भेजकर मजबूत बनाता है.

No comments:

Post a Comment